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गुरुवार, 28 जून 2012

इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जाने के पहले तौलें खुद को




सफल एक्टर, एक्ट्रेस से जानें, क्या है बालीवुड 


0) फ्राइडे टाकीज का निःशुल्क 'माइंड द गैप' सेमिनार


मुंबई के मनोरंजन की दुनिया में कौन जाना नहीं चाहता। ग्लैमर, फेम और धनदौलत से लबरेज मनोरंजन की यह एक अलग ही दुनिया है। ऐसे में मनोरंजन की दुनिया में अपनी जगह बनाने के इच्छुक युवाओं के सामने हमेशा यह प्रश्न खड़ा रहता है कि आखिर मुंबई तक पहुंचा कैसे जाए और पहुंचने के बाद अपनी जगह कैसे बनाई जाए।
बालीवुड में जाने के सपने देखने के पहले टैलेंट्स को यह जानना जरूरी है कि उनमें प्रतिभा है या नहीं। मुंबई में गत ...... वर्षों से कार्यरत विनीत राय और अमित के पाल ने अपनी नई एजेंसी फ्राइडे टाकीज के माध्यम से छोटे शहरों और मनोरंजन की दुनिया के बीच की दूरी पाटने का प्रयास 'माइंड द गैप' के माध्यम से शुरू किया है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में यह सेमिनार नागपुर में प्रस्तावित है।
दरअसल, मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों को छोड़ कर बी व सी ग्रेड के नगरों में मनोरंजन की दुनिया के लिए जितना आकर्षण है, उतना ही कम इससे संबंधित जानकारी है। यही कारण है कि प्रतिभाशाली युवाओं, बच्चों को वह मुकाम नहीं मिल पाता है जिनके वे हकदार हैं। इसके लिए काफी हद तक ग्लैमर की चकाचौंध का आकर्षण भी जवाबदार है। नेम, फेम एंड मनी के खेल में माइंड द गैप का कन्सेप्ट ही सामने नहीं आ पाता और ऐसे युवा भी मुंबई का रुख कर लेते हैं जिनमें बालीवुड के लायक प्रतिभा नहीं होती है। मनोरंजन की दुनिया का हर क्षेत्र रचनात्मक (क्रियेटिव) है। यह भी एक हकीकत है कि बालीवुड में अपना करियर बनाने की चाहत दिल में पाल कर रोजाना मुंबई पहुंचने वाले हजारों युवाओं में से ज्यादातर को यह मालूम ही नहीं होता कि उन्हें अभिनय (एक्टिंग) की फील्ड में जाना है या फिर डायरेक्शन की। वे कैमरा थामना चाहते हैं या फिर फिल्म या सीरियल की स्क्रिप्ट लिखना चाहते हैं।
बी ग्रेड के शहरों तक आम तौर पर मुंबई के वही लोग पहुंच पाते हैं जो किसी कारण से मनोरंजन की दुनिया की मुख्यधारा से कट जाते हैं और किसी तरह कुछ साल मुंबई में अपना गुजर-बसर कर लेते हैं। ये लोग मुंबई और अपेक्षाकृत छोटे शहरों के बीच के अंतर को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं और अपने छोटे-छोटे स्वार्थ (सेल्फिशनेस) का फायदा उठाने के लिए शहर की प्रतिभाओं को दिग्भ्रमित (Misguide) करते हैं।

क्या है 'माइंड द गैप'
बालीवुड की मनोरंज
की दुनिया की कड़वी सचाई से अवगत कराने के लिए ही माइंड द गैप सेमिनार का आयोजन देश भर के २० चुनींदा शहरों में करने का लक्ष्य रखा गया है। गैप यानी वह दूरी जो मुंबई और अन्य शहरों के बीच है। गैप यानी वह दूरी जो बालीवुड और व्यवसाय के अन्य क्षेत्रों के बीच है। गैप यानी वह दूरी जो एक इन्स्पायरर (प्रेरक) और एचीवर (मुकाम पाने के लिए प्रयासरत प्रतिभा) के बीच है। गैप यानी वह दूरी जो सफलता के शिखर और सफलता के रास्ते के बीच है।
पहले चरण में महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर और मध्य प्रदेश का मिनी मुंबई के नाम से मशहूर शहर इंदौर का चयन किया गया है। इस सेमिनार में शामिल होने के लिए कोई फीस नहीं है। सेमिनार तो निःशुल्क होगा लेकिन इसमें शामिल होने वाली प्रतिभाओं को कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। सेमिनार का सीधा उद्देश्य है बालीवुड और मुंबई से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना। यानी कि चयन के समय ही यह निर्धारित कर लिया जाएगा कि सामने वाले युवा या बच्चे में प्रतिभा है कि नहीं। विनीत कहते हैं कि ऐसे लोगों को सेमिनार में शामिल करने का कोई फायदा नहीं है जिनमें प्रतिभा ही न हो। 

कैसे होगा सेमिनार
एक बार सेमिनार में शामिल होने वाली प्रतिभाओं का चयन हो गया, उसके बाद बालीवुड के विभिन्न क्षेत्रों में अपना स्थान बना चुके अभिनेता, अभिनेत्रियों, डायरेक्टर्स, आर्ट डायरेक्टर्स, राइटर्स की एक टीम बुलाई जाएगी जो न सिर्फ मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि सेमिनार के पार्टिसिपेंट्स के सवालों का जवाब भी देंगे। दिन भर चलने वाले इस सेमिनार के बाद उपयुक्त कैंडिडेट्स को भविष्य के लिए उचित दिशानिर्देश दिए जाएंगे।

फ्राइडे टाकीज
फ्राइडे टाकीज एक एजेंसी है जो एडवर्टाइजिंग, फिल्म मेकिंग, कार्पोरेट और डेस्टिनेशन इवेंट के क्षेत्र में काम करती है। इसके सीईओ विनीत राय का यह दूसरा वेंचर है। रेड जिंजर मीडिया एंड इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का संचालन काफी पहले से ही विनीत राय कर रहे हैं। इस कंपनी के निदेशक के रूप में अमित के पाल कार्यरत हैं। फिल्म प्रोडक्शन और मार्केटिंग, सेलेब्रिटी मैनेजमेंट, क्रियेटिव ब्रांड सोल्युशन फ्राइडे टाकीज की भावी योजनाओं में शामिल है।

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