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मंगलवार, 26 जून 2007

आध्यात्मिकता और सांसारिकता का अद्भुत समन्वय हैं नरेंद्र दादा


गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरु साक्षात पर ब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवै नमः।।

गुरु को साक्षात परब्रह्म बताया गया है. हिन्दू मान्यता में गुरु का स्थान जन्मदाता ब्रह्मा, पालनकर्ता विष्णु और संहारक महेश से भी ऊपर है. इसीलिए कबीर दास ने लिखा है-
गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाये
बलिहारी गुरु आपकी, गोविंद दियो बताए
मतलब साफ है- गुरु ही है जो हमें ईश्वरीय सत्ता का मार्ग और रहस्य बताता है. आध्यात्मिक अर्थों में गुरु का स्थान सर्वोच्च है. गुरु शब्द गु और रु से बना हुआ है. गु का अर्थ है अज्ञानता का अंधकार और रु का अर्थ है ज्ञान के प्रकाश में लाने वाला. अर्थात गुरु वही है जो हमें अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश में लाए। गुरु का मतलब लोग सामान्यतः शिक्षक भी समझ लेते हैं लेकिन आध्यात्मिकता और धार्मिक मान्यताओं में फर्क के अनुसार ही गुरु, पुजारी और शिक्षक के बीच का फर्क समझना जरूरी है।

सद्गुरु श्रीयुत नरेंद्र दादा

विज्ञान के इस युग में कपोलकल्पित धारणाओं से परे यदि यथार्थ की बात की जाए तो गुरु की उक्त अवधारणा मेरे भी जीवन में चरितार्थ हुई. रविनगर स्थित दादाधाम के प्रणेता श्रीयुत नरेंद्रदादा एलपुरे इन्हीं आध्यात्मिक क्षमताओं से भरे हैं. आध्यात्मिकता और सांसारिकता का सुंदर समन्वय स्थापित करते हुए नरेंद्र दादा ने दादाधाम जैसे पवित्र और जागृत धाम की स्थापना की स्थापना की है.

२० वर्षों से अडिग है आस्था

श्रीयुत नरेंद्र दादा से २० वर्षों पूर्व जब मैं मिला था, तब से लेकर आज तक आस्था अडिग है. एक गुरु के अलावा मैंने उन्हें समय-समय पर माता-पिता, भाई-बहन, सच्चे मित्र व मार्गदर्शक और इससे भी बढ़कर धार्मिक, सामाजिक परंपराओं के कुशल निर्वाहक के साथ ही आध्यात्मिक शिखर पुरुष के रूप में पाया है. मैं यह सब दावे के साथ इसलिए कहने की जरूरत कर रहा हूं क्योंकि किसी अधपके या परिस्थितिजन्य विश्वास को वास्तविकता की कसौटी पर कसने के लिए २० वर्षों का समय कम नहीं होता. वो भी जिन्दगी का वह अंतराल जब व्यक्ति युवावस्था में प्रवेश कर परिपक्व मनुष्य बनता है.

जब पहली बार मिला

जीवन के १९वें वर्ष में प्रवेश किया एक युवक. उस समय किसी अनजाने लक्ष्य की तलाश में मैं किंचित विचलित सा रहता था. एक दिन भावनात्मक आवेगों के कारण मन काफी व्यथित था. विचार शून्य से आते और शून्य में विलीन हो जाते. मैंने उस दिन शहर के पूर्व से पश्चिम तक सभी मंदिरों में भगवान के दर्शन किए लेकिन व्यथा कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी. मेरे एक शुभचिंतक ने मुझे नरेंद्र दादा से मिलने की सलाह दी. मैं उनके साथ दादा के डी-५-२, रविनगर स्थित निवास पर गया. वह दौर था जब दादा सबसे नहीं मिलते थे. खैर, वहां पहुंचते ही मुझे अजीब सी शांति का अहसास हुआ. थोड़ी देर इंतजार के बाद दादा बाहर आए और मुझसे औपचारिक बात की. उन्होंने मुझे शिवस्वरूप दादाजी धूनीवाले की पूजा का मार्ग बताया. उस दौर में मेरा मन काफी चंचल रहता था. विकारों का प्रभाव अपना काम करता रहता था. हालांकि यह आज भी है लेकिन उस समय पता नहीं किस प्रकार का आकर्षण या ये कहें नाता दादा से जुड़ गया जो समय बीतने के साथ ही हर पल मजबूत होता गया.

चमत्कार को नमस्कार नहीं

अध्यात्म अनुभूति का विज्ञान है. इस लिहाज से मेरे जीवन में दादा से जुड़ी कई अनुभूतियां रहीं. इनमें से कुछ को आम भाषा में चमत्कार की संज्ञा भी दी जाती है. साक्ष्य या प्रमाण नहीं होने के कारण मैं इस समय उन अनुभूतियों का जिक्र नहीं करना चाहता क्योंकि श्रीयुत नरेंद्र दादा ने सदैव ही चमत्कार को नमस्कार करने से मना किया है. सही भी है, किसी चमत्कार की आशा में नमस्कार करने का एक अर्थ यह भी है कि चुंकि हम शीश झुका कर ईश्वर पर उपकार कर रहे हैं इसलिए ईश्वर को भी तत्काल चमत्कार दिखाना चाहिए और हमारी मांग पूरी करनी चाहिए.

सदैव दिखा गुरु का बड़प्पन

श्रीयुत नरेंद्र दादा को हम भक्तगण प्यार से दादा कहते हैं. दादाधाम की नींव पड़ने के बाद से अब जबकि यह वट वृक्ष का रूप ग्रहण कर चुका है, मैंने लाखों लोगों को दादा से मिलते देखा. हजारों की संख्या में भक्तों को नजदीक जाते देखा. जिनकी आस्था पक्की थी, वो सतत उनके साथ हैं और जिनका प्रारब्ध उन्हें खींच लाया था वो कुछ दूर हो गये. मुझे आज इस बात का फक्र है कि मैं उन चंद खुशनसीबों में हूं जिन्हें दादा ने नजदीकी प्रदान की. मलाल तो इस बात का है कि मैंने हर सम्पन्न समय में इस नजदीकी से मिली खुशनसीबी का दुरुपयोग किया. यह दादा का बड़प्पन ही रहा कि उन्होंने सदैव नसीहत के साथ मुझे क्षमा कर दिया. सिर्फ मेरे साथ ही नहीं अपितु उन्होंने हर भक्त को क्षमा किया. कई लोगों को मैंने भस्मासुर भी बनते देखा लेकिन दादा ने सदैव गुरु का बड़प्पन दिखा कर क्षमा कर दिया. मेरा क्रांतिकारी मन कई बार दादा की इस क्रिया को लेकर विद्रोह कर देता था. लेकिन दादा ने सदैव सौम्यता से गेंद ईश्वर दादाजी धूनीवाले के पाले में डाल दी.

गृहस्थ जीवन बनाम आध्यात्मिक शिखर

गृहस्थ जीवन में रहते हुए आध्यात्मिक और सांसारिकता के समन्वय का बेहतरीन उदाहरण हैं मेरे गुरुवर. जहां तक आध्यात्मिकता का प्रश्न है- मैंने व्यक्तिगत तौर पर पाया है कि लौकिक, परालौकिक किसी भी समस्या का जिक्र उनके सामने नहीं करना पड़ता है. कल भी वही होता था, आज भी वही होता है. जब भी किसी झंझावत में मैं उनके सामने गया, उन्होंने सदैव ही स्वस्फूर्त मेरे हर प्रश्न का उत्तर दे दिया. कभी कोई समस्या बताने की जरूरत नहीं पड़ी. प्रारब्ध को धैर्य के साथ स्वीकार करना मैंने उन्हीं से सीखा. जिंदगी में मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे. आज भी देख रहा हूं. यह मेरी अपरिपक्वता ही है कि दादा की याद तभी आती है जब कोई गंभीर संकट आता है.

वात्सल्यप्रिय दादा

दादा को आम तौर पर गंभीरता से लोगों की समस्या पर चर्चा करते हुए या फिर भजन में लीन देखा है. मगर इस गंभीर व्यक्तित्व में वात्सल्य भाव भी कूट-कूट कर भरा है. बच्चों के साथ उछलकूद करते देखना भी मेरे जीवन का अविस्मरणीय पल रहा. दादा की कटाक्ष और डांटफटकार सुनकर जितना गुस्सा आता है, उतनी ही गुदगुदी तब होती है जब वो अचानक मित्रवत् व्यवहार करने लगते हैं.

समानताप्रियता

दादाधाम के निर्माण के शुरुआती दिनों में सक्रिय भक्त समूह में आर्थिक, शारीरिक असमानता साफ दिखती थी. वो दिन मुझे याद है जब विधानसभा चुनाव के परिणाम के लिए यूनिवर्सिटी मैदान में शामियाना तना था. कुछ भक्तों ने बाहुबली होने जैसा कृत्य किया था. उस समय दादा ने मुझे कहा था कि वो दिन भी आएगा जब शेर और बकरी एक ही घाट पर पानी पियेंगे. आज वो समानता दादाधाम में दिखने लगी है. दंभी भक्त रणछोड़दास बन चुके हैं.

वायुमंडल की भी चिंता

दादा को अपने शिष्यों की तो चिंता है, उनका ध्यान पर्यावरण संरक्षण पर भी है. तुलसी लगाओ, प्रदूषण हटाओ अभियान के दौरान मैंने पाया कि दादा ने तुलसी के धार्मिक महत्व से अधिक महत्व उसके वैग्यानिक गुणों को दिया. तुलसी का पौधा २४ घंटे आक्सीजन देता है. यह वायुमंडल की ओजोन सतह को अधिक सघन करने में सहायक है.

नतमस्तक

गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर मैं दादा के सामने एक बार फिर नतमस्तक हूं जिन्होंने न सिर्फ मेरा जीवन संवारा बल्कि जरूरत के समय अपना घर-परिवार छोड़कर उन असंख्य भक्तों के साथ खड़े नजर आए जिनके लिए दादा ही सबकुछ हैं. मेरे अराध्य भोले शंकर दादाजीधूनी वाले के चरणों में प्रार्थना है कि समूचे मानव कल्याण के लिए उन्हें दीर्घायु तथा साधन संपन्नता प्रदान करें.
दत्त गुरु ओम्,  दादा गुरु ओम्।

शनिवार, 9 जून 2007

Exercise by Sign



An astrological guide to fitness you'll enjoy!



Have you had trouble in the past keeping your New Year's Resolutions? This year, use a secret weapon to make your goals realities, your Sun sign and Ascendant. Understanding their influence over you can help you discover what will keep you motivated. Here's a list of what to do to get yourself toned, disciplined and stronger by year's end. Just keep in mind as you check your Sun Sign that for things involving the body and energy, it's just as important to consider your Ascendant.

Aries

You're world famous for your energy, because you're ruled by active, enterprising Mars - the warrior planet. That means you're wonderful at initiating activity, like joining a new gym, but less good at continuing to show up. Work with your prodigious physical energy to keep yourself interested. Lifting weights in the same circuit will soon bore you silly. Yet something like a class in Judo or kickboxing will hold your attention. You need challenge and change - even better, a sparring partner.
Taurus

Practical Taurus, you know you need exercise but you are loath to get up from your reading. No matter, making a steadfast commitment will keep you going to the gym as long as you see measurable gains. To insure progress, invest in a monthly visit with a trainer or if you're very self-disciplined, use a training program with weekly log books and progress charts. You gain momentum through seeing concrete evidence of a return on your efforts. Also consider going outside -- a hike somewhere scenic may be inspirational enough to keep you coming back for more.
Gemini

Glib, fun, spirited Gemini - you're often having too much fun to go to the gym. To motivate yourself you need a social component to your workout, toiling alone on the StairMaster quickly disheartens you. Try dancing or volleyball, or investigate local co-ed softball or soccer leagues. If you're having fun, you won't mind the workout. Consider it social hour -- with a little sweat!
Cancer

Sweet Cancer, if your emotions burned calories, you'd be the most svelte on the block. Use your powerful emotional need for connection to empower your workout routine. Form a pact with someone you like and you'll show up every time to the gym. This can work equally well if you make an agreement with a running partner. Anything that activates your devotion and ability to commit with the help of others will get you going this year.
Leo

Everyone knows the Leo in their midst, your generosity, sense of fun and warmth radiate around you. Sometimes, like the lion you're given to finding a place in the sun and catching a nap. You need to channel your desires for warmth and attention into your workout plans to meet with success. Wherever you have a chance to physically excel, to shine, to gather adoring eyes, this will keep you coming back time and again. Try ballroom dancing or even hot yoga where you get to stare at your reflection in the mirror while sweating yourself slim. You'll be one shapely cat by December.
Virgo

Dutiful, loyal Virgo, you can be so weighed down with obligations that you need something that gives you release, lets you fly free from your cares. You're perfectionistic tendencies will make it bit hard to get going, but keep showing up and you'll be in much better balance with more to give. Try riding your bike and coasting down hills, or dancing alone in your room where you won't judge yourself. Set yourself free and a stronger you will be the welcome result.
Libra

You beautiful being, you carry the weight of balancing relationships on your capable shoulders. Your standards are high so you may need to honor your need for aesthetics and beauty in your workout routine. Try something precise like Kendo or Tai Chi, this way your spirit will get as much exercise as your body. Then you'll keep coming back for the stimulation and the challenge.
Scorpio

Dear, dramatic darling Scorpio, in order to stay committed to a new workout routine you need something with either a competitive intensity, something that develops your physical power, or if you're life is too demanding, something that allows you to escape all that intensity. No matter where you fit in the spectrum, Vinyasa yoga, Power Yoga, or even rock climbing, will keep you intrigued and energized.
Sagittarius

Your adventurous nature sometimes gets ignored when you decide on a workout routine. You can be so intent on doing what you know gets results: 30 minutes of cardio, 30 minutes of weights, 20 minutes of stretching that you fail to notice how quickly this routine loses your interest. You need to find something fun and physically challenging to remain committed. It doesn't matter if it's a team sport, a jazz dance class that continually adds steps each week… whatever it is, adventure has got to be part of the package.
Capricorn

Admirable goat, by day you're all ambition, measured activity and caution. You, more than any other sign, have no doubt about the rewards and benefits of an exercise program. Yet, you need to take equally careful measure of the realities of your life right now. If you're in life/love/work balance, then go with a careful total program, with nutrition, cardio, weights, and activities to develop balance. If you're feeling a little oppressed by your responsiblities, try something a bit riskier, like sport climbing to give you a sense of freedom, of stretching your boundaries. Respecting your current situation will keep you interested and showing up until you get results.
Aquarius

You're a tough one, seemingly light and unconcerned yet willfully stubborn underneath. If you've had trouble sticking to a workout routine, you probably need something that allows you independence yet connects you to a larger goal. Try training for a charity run, or a team sport, either will give you that sense of a more significant social goal being achieved through your sweat. Mesh your needs and you'll end the year with a power you've never known you could have.
Pisces

You can be so idealistic and ethereal that you let your body's needs fall to the wayside. Yet, you love the sensuality of warm water, of floating and gliding through currents. Water sports of all kinds are the best way for you to reconnect to your body and to have an active physical mediation. Follow your heart, and your year will end swimmingly.